शेर-ओ-शायरी

 असर अज़मेरी  (Asar Azmeri)

गुलशन की आरजू में, गुलों की तलाश में,
कांटो से भी हुई है, मुझे रगबत कभी-कभी।
 

 1.
रगबत - (i) लगाव, दिलचस्पी (ii) इच्छा, अभिलाषा, चाह
 

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मेरे दिल में तड़प है पीने की,
 
तेरे हाथों में जाम है साकी।
 

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