शेर-ओ-शायरी

  असीर मिनाई  (Aseer Minaai) 

आया न एक बार भी अयादत को वह मसीह,
सौ बार मैं फरेब से बीमार हो चुका।

1.
अयादत - रोगी का हालचाल पूछने और उसे ढाढस बंधाने के लिए जाना,
मिजाजपुर्सी

2. मसीह - हजरत ईसा, जो मुर्दों में जान डाल देते थे (यानी प्रेमिका)

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