शेर-ओ-शायरी

असीर  (Aseer)

कहने को यूँ जहाँ में हजारों हैं यार-दोस्त,
मुश्किल के वक्त एक है, परवरदिगार दोस्त।
 

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होता नहीं है कोई बुरे वक्त में शरीक,
पत्ते भी भागते हैं खिजां में शजर से दूर।

1.
खिजां - पतझड़ का मौसम 2. शजर - पेड़, वृक्ष

 

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