वाय किस्मत नाव डूबी आके साहिल के करीब,
देखता ही रह गया साहिल को मैं, साहिल मुझे।
-'सादिक' झुनझुनवी
1. साहिल - तट, किनारा
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सारे जहाँ की
धूप मेरे सर पै आ पड़ी,
मुझ पर किसी दरख्त का साया था, कट गया।
-खाकान खावर
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सारे जहाँ की
धूप मेरे सर पै आ पड़ी,
मुझ पर किसी दरख्त का साया था, कट गया।
-खाकान खावर
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सियहबख्ती तो
पैवस्ते-जबीं है,
मिटाऊँ दागे-नाकामी कहाँ तक।
-'दिल'
शाहजहाँपुरी
1.सियहबख्ती -
बदनसीबी 2. पैवस्ते-जबीं -
माथे में गहरी
लिखी हुई
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