फना
का होश आना जिन्दगी का दर्दे-सर जाना,
अजल क्या है, खुमारे-बादा-ए-हस्ती उतर जाना।
-चकबस्त लखनवी
1. फना- (i) मृत्यु, मरण, मौत (ii)
नष्ट, बरबाद, गायब
2. अजल - मृत्यु, मरण, मौत
3. खुमार- नशे के उतार की अवस्था, नशा,
मद, उन्माद
4.बादा-ए-हस्ती - जिन्दगी की शराब.
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बहुत कुछ
पाँव फैलाकर भी देखा 'शाद' दुनिया में,
मगर आखिर जगर हमने न दो गज के सिवा पाई।
- शाद अजीमाबादी
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बादे-फना
फिजूल है नामोनिशां की फिक्र,
जब हम नहीं रहे तो रहेगा मजार क्या?
1. बादे-फना -
मृत्यु के बाद
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मौत उसकी, करे
जिसका जमाना अफसोस,
यूं तो दुनिया में सभी आते, हैं मरने के लिए।
-महमूद रामपुरी
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