मौत जब तक नजर नहीं
आती,
जिन्दगी राह पर नहीं आती।
-जिगर मुरादाबादी
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मर्ग मांदगी का
इक वक्फा है,
यानी आगे बढ़ेंगे दम लेकर।
-मीरतकी मीर
1.मर्ग- मृत्यु, मौत 2 मांदगी -
शिथिलता, थकावट
3. वक्फा - दो कामों के बीच में ठहराव
का समय, विराम, इन्टरवल, ठहराव
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मिटता है
फौते-फुर्सते-हस्तीका गम कोई,
उम्रे-अजीज सर्फे-इबादत ही क्यों न हो?
-मिर्जा 'गालिब'
1.फौते-फुर्सते-हस्ती - जीवन की
सुक्ष्म अवधि के खत्म होने का
2. उम्रे-अजीज - प्यारी उम्र
3. सर्फे-इबादत - पूजा या उपासना
या आराधना करने मे
लगा देना या खर्च केर देना
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मुझे
हर खाक के जर्रे पर यह लिक्खा नजर आया,
मुसाफिर हूँ अदम का और फना है कारवाँ मेरा।
-'असर' लखनवी
1.अदम - परलोक, यमलोक, जहाँ मनुष्य
मर कर जाता है
2.फना - मृत्यु, मौत, मरण
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