यह अदाए - बेनिवाजी, तुझे बेवफा मुबारक,
मगर ऐसी बेरूखी क्या कि सलाम तक न पहुंचे।
-शकील बदायुनी
1.अदाए–बेनिवाजी - उपेक्षा या
बेतवज्जुही के अंदाज
2.बेरूखी - (i) बेमुख्वती, मुंह फेरना, विमुखता (ii) उपेक्षा, बेबवज्जुही
*****
यह कहते हैं कि
अर्जे - तमन्ना बेसूद,
यह भी कहते हैं तेरे मुंह में जबां है तो सही।
-निहाल सेहरारवी
1. बेसूद - व्यर्थ, बेकार
*****
यह दोस्तों का रवैया, यह दुश्मनों का सुलूक,
सच पूछो तो दोनों में कोई फर्क नहीं है।
-जगन्नाथ 'आजाद'
*****
यह नेकी का नतीजा है कि तूफाने-हवादिस में,
जिसे मैंने उभारा था, वही मुझको डुबोता है।
1.तूफाने-हवादिस
में-
घटनाओं के तूफान
में
*****
<< Previous page - 1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28-29-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45 Next >>